एसटीएफ टीम, राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को दिए सख्त निर्देश, समाधान ऐप के प्रभावी उपयोग पर दिया जोर
ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया
थान खम्हरिया, पुलिस अधीक्षक श्री त्रिलोक बंसल (आईपीएस) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में जिले में गठित स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) टीम, राजपत्रित अधिकारियों तथा सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर अवैध अप्रवासियों, विशेष रूप से बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान, सत्यापन एवं उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में एसपी ने निर्देशित किया कि किराए के मकानों में रहने वाले किरायेदारों एवं मुसाफिरों का आधार कार्ड से सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। मकान मालिकों से किरायेदारों का पूरा विवरण, स्थायी एवं वर्तमान पता, आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर, फोटो तथा पहचानकर्ता की जानकारी लेकर उसका सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।

एसपी श्री बंसल ने “समाधान ऐप” के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी मकान मालिक, होटल एवं लॉज संचालक किरायेदारों तथा यात्रियों का विवरण अनिवार्य रूप से ऐप में अपलोड करें। उन्होंने बस स्टैंड, चौपाटी, सिनेमाघर, कबाड़ी दुकान, बाजार एवं अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नियमित चेकिंग अभियान चलाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों, फेरीवालों एवं अस्थायी व्यवसाय करने वालों का सत्यापन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने औद्योगिक इकाइयों, एथेनॉल, एल्युमिनियम एवं स्पंज आयरन प्लांट, बारूद फैक्ट्री, पेपर मिल, गुड़ फैक्ट्री, ईंट भट्ठों, पोल्ट्री फार्म, क्रेशर प्लांट, टेंट हाउस, पंचर दुकानों, कैटरिंग व्यवसाय, फार्म हाउस तथा अन्य प्रतिष्ठानों में कार्यरत मजदूरों एवं ठेकेदारों का भी पहचान सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
एसपी ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को किराये पर मकान देने से पहले इसकी सूचना संबंधित थाना में अनिवार्य रूप से दें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति शहर या गांव में दिखाई दे अथवा अवैध रूप से रह रहा हो तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस के टोल फ्री नंबर 18002331905 पर दें।
बैठक में अपराधों की विवेचना को तकनीकी रूप से अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को ई-साक्ष्य का समयबद्ध एवं वैज्ञानिक तरीके से संकलन करने, ई-समन की समय पर तामील सुनिश्चित करने, नफीस एवं फिंगर प्रिंट प्रणाली का अधिकतम उपयोग करने तथा ई-चालान समय पर न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
एसपी श्री त्रिलोक बंसल ने कहा कि आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से विवेचना की गुणवत्ता में सुधार लाना तथा न्यायालयीन प्रक्रिया को गति देना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित समीक्षा करते हुए अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए, जिससे जिले की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो तथा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश यादव, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) राजेश कुमार झा, एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का, एसडीओपी बेरला विनय कुमार सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी, डीएसबी शाखा, साइबर सेल तथा अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।




