Home छत्तीसगढ़ “पूर्वजों के नाम दो वृक्ष” अभियान के अंतर्गत अग्र सेवा गौशाला में...

“पूर्वजों के नाम दो वृक्ष” अभियान के अंतर्गत अग्र सेवा गौशाला में श्रद्धा, सेवा एवं संस्कार का अनूठा संगम*

6
0

 

रायपुर।अग्र सेवा गौशाला, ग्राम तर्रा (रायपुर) में आज “पूर्वजों के नाम दो वृक्ष” अभियान के प्रथम चरण का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, सेवा एवं पारिवारिक सहभागिता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर आजीवन सदस्यों एवं दानदाता परिवारों ने अपने पूज्य माता-पिता, बुजुर्गों एवं पूर्वजों की पावन स्मृति में पौधारोपण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रत्येक पौधे पर संबंधित पूर्वजों के नाम की नामपट्टिका भी स्थापित की गई, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ अपने पूर्वजों के संस्कारों, आदर्शों एवं सेवा परंपरा से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
इस अवसर पर अग्रसेवा सोसायटी के अध्यक्ष श्री कैलाश अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्ष केवल हरियाली का प्रतीक नहीं, बल्कि जीवन, सेवा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और सनातन परंपरा का आधार हैं। गौशाला परिसर में लगाए जा रहे ये वृक्ष भविष्य में गौमाताओं को शीतल छाया, स्वच्छ वायु एवं प्राकृतिक वातावरण प्रदान करेंगे। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित विरासत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। यह अभियान केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, गौमाता के प्रति समर्पण और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व का एक जीवंत संकल्प है।


उन्होंने सभी अग्रबन्धुओं एवं समाजजनों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन के शुभ अवसरों—जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, पुण्यतिथि अथवा अन्य मांगलिक अवसरों पर परिवार सहित गौशाला आकर गौमाता की सेवा करें तथा ऐसे सेवा एवम पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से जुड़ें। इससे नई पीढ़ी में सेवा, संस्कार एवं प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का विकास होगा। जहाँ गौसेवा, वृक्षारोपण और पूर्वजों का सम्मान साथ-साथ होता है, वहाँ गौमाता की कृपा एवं पूर्वजों का आशीर्वाद सदैव बना रहता है।
गौशाला संचालन समिति के अध्यक्ष श्री अजय अग्रवाल ने बताया कि जिन सदस्य परिवारों का वृक्षारोपण शेष है, उनके लिए अभियान का द्वितीय चरण अगले रविवार को आयोजित किया जाएगा। उन्होंने इस अभियान में सहभागिता करने वाले सभी सदस्य परिवारों एवं दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान सेवा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण एवं पूर्वजों के सम्मान का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर समाज को नई दिशा प्रदान करेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here