CNI; Chhattisgarh Diocese: चर्च ऑफ नार्थ इंडिया यानी सीएनआई के लेटर के बाद छत्तीसगढ़ के इसाई समाज में हड़कंप मचा हुआ है। एक ही प्रदेश में तीन बिशप को लेकर छत्तीसगढ़ डायोसिस ने बड़ा खुलासा किया है। इसके बाद से क्रिश्चियन समाज में जमकर बवाल मचा हुआ है।
चर्च ऑफ नार्थ इंडिया यानी सीएनआई के लेटर के बाद छत्तीसगढ़ के इसाई समाज में हड़कंप मचा हुआ है। एक ही प्रदेश में तीन बिशप को लेकर छत्तीसगढ़ डायोसिस ने बड़ा खुलासा किया है। इसके बाद से क्रिश्चियन समाज में जमकर बवाल मचा हुआ है। चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (सीएनआई) के महासचिव रेव. डॉ. डीजे अजित कुमार के आधिकारिक पत्र ने इसाई समाज में नई बहस छेड़ दी है।
जानें क्या लिखा है सीएनआई के खत में
सीएनआई के महासचिव की ओर से जारी लेटर में लिखा है कि अतुल आर्थर और अजय मार्टिन को चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत न तो बिशप चुना गया है और न ही उन्हें नियुक्त किया गया है। फिर ये दोनों अपने आप को कैसे छत्तीसगढ़ का बिशप बताने में लगे हैं। सीएनआई सिनॉड ने अपने पत्र में आगे कहा है कि यदि किसी व्यक्ति ने चर्च की आधिकारिक व्यवस्था और संविधान से बाहर किसी अन्य धार्मिक संस्था से अभिषेक या ऑर्डिनेशन लिया है तो उसे सीएनआई से मान्यता प्राप्त बिशप नहीं कह सकते। इस मामले में सिनॉड ने छत्तीसगढ़ डायोसिस को निर्देश दिया है कि इस मामले में प्रदेश के पादरियों और मंडलियों को वास्तविक स्थिति से तुरंत बतायें ताकि इसाई समाज में किसी तरह का भ्रम न फैले कि प्रदेश में तीन बिशप हैं।




