जिले में मानसून ने अगस्त का महीना खत्म होने से पहले ही पूरे सीजन का बारिश का कोटा पूरा कर लिया है। एक जून से 25 अगस्त तक जिले में कुल 1016 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पूरे मानसूनी सीजन में औसतन 993 मिलीमीटर बारिश का अनुमान जताया गया था।
महासमुंद जिले में मानसून ने अगस्त का महीना खत्म होने से पहले ही पूरे सीजन का बारिश का कोटा पूरा कर लिया है। एक जून से 25 अगस्त तक जिले में कुल 1016 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पूरे मानसूनी सीजन में औसतन 993 मिलीमीटर बारिश का अनुमान जताया गया था। त्रिस्तरीय मौसमी प्रणाली के सक्रिय होने से जिले भर में झमाझम बारिश का दौर जारी है। बारिश से जहां जिले के तमाम जलस्रोत लबालब भर चुके हैं, वहीं खेतों में पानी भरने से धान की फसल डूबने की स्थिति में आ गई है।
मानसून की शुरुआत में जिले में कम बारिश की आशंका जताई जा रही थी, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से यहां औसत से कम वर्षा हो रही थी। हालांकि अगस्त आते-आते स्थिति पूरी तरह बदल गई और सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। खेतों में पानी का ठहराव होने से किसान फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। प्रशासनिक अमले ने बांधों तथा जलाशयों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित जलभराव और उफान वाले नदी-नालों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मानसूनी सीजन का अभी एक महीना शेष है, जिससे प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।




