Home Uncategorized समान नागरिक संहिता कानून वापस लो,आदिवासी धर्म कोड लागू करो।

समान नागरिक संहिता कानून वापस लो,आदिवासी धर्म कोड लागू करो।

718
0
  •  रायगढ़/सर्व आदिवासी समाज ( रूढ़ि जन्य परंपरा पर आधारित) जिला रायगढ़ के महासचिव श्याम लाल सिदार ने प्रेस को अवगत कराया है कि सर्व आदिवासी समाज की संभागीय बैठक दिनांक 30.8.2026 को रायगढ़ स्थित पंचायती धर्मशाला रेलवे स्टेशन के पास जिला रायगढ़ में बी एस रावते,कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज,छत्तीसगढ़,के मुख्य आतिथ्य,रामलाल कंवर अध्यक्ष (कमल वंशीय कंवर समाज)विशिष्ट आतिथ्य,एवं सहनी राम सिदार अध्यक्ष कलंगा समाज के अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। श्यामलाल सिदार ने आगे बताया कि यह आपातकालीन बैठक राज्य सरकार द्वारा घोषित समान नागरिक संहिता(यूसीसी)के छ. ग.राज्य में लागू करने की घोषणा के बाद यूसीसी कानून के संभावित प्रभावों और आदिवासी संस्कृति पर पड़नेवाले दुष्परिणामों को लेकर बुलाया गया है।बैठक में रायगढ़ जिले के अतिरिक्त जशपुर,सारंगढ़ बिलाईगढ़,,शक्ति,जांजगीर चांपा और कोरबा जिले से आए सैकड़ों समाज प्रमुखों,बुद्धिजीवियों,युवा एवं महिला प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।बैठक में विशेष रूप सेआदिवासी संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों पर चर्चा किया गया।चर्चा के दौरान संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत आदिवासियों को मिले अधिकारों,रूढ़ि जन्य परंपराओं,रीति रिवाजों,विवाह संस्कार,गोद लेने की प्रथा(दत्तक) तलाक ,उत्तराधिकार और जमीन बंटवारे जैसे संवेदन शील विषयों पर गहन विचार विमर्श संभागीय बैठक में समाज प्रमुखों ने अपना अपना पक्ष रखा।
  • मुख्य अतिथि बी एस रावते ने अपने उदबोधन में कहा कि समान नागरिक संहिता कानून लागू होने से आदिवासियों की सदियों पुरानी रूढ़िवादी परंपराओं और आनेवाली पीढ़ियों के अस्तित्व पर गंभीर असर पड़ सकता है।सर्व आदिवासी समाज के सभी जातियों के मुखियागण एक मत होकर यह निर्णय लिया है कि समान नागरिक साहिता छत्तीसगढ़ में लागू ही न किया जाय। इससे केवल आदिवासी समाज ही प्रभावित नहीं होगा बल्कि अनुसूचित जाति,पिछड़ा वर्ग,एवं धार्मिक अल्प संख्यक भी प्रभावित होंगे।आदिवासियों के पारंपरिक अधिकारों के सुरक्षा के लिए राज्य सरकार को ठोस सुझाव और आपत्तियां कलेक्टर के माध्यम से भेजी जाएगी,2027 में होने जा रही जनगणना में धर्म कालम में आदिवासी धर्म अंकित कराना है।यदि सरकार द्वारा आदिवासी धर्म कालम दिए जाने का आदेश जारी नहीं किया जाता है तो अन्य कालम में आदिवासी धर्म अंकित कराना है।बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि आदिवासी समाज अपने अपने घरों के दीवारों में समान नागरिक संहिता वापस लो ,आदिवासी धर्म कोड लागू करो का नारा लिखकर सोशल मीडिया में प्रचार प्रसार करें। संगठन विस्तार और भावी रणनीति सामाजिक संगठन मजबूत बनाने के उद्देश्य से सर्व आदिवासी समाज का ग्राम पंचायत,ब्लाक एवं जिला स्तर पर विस्तार किया जाएगा।जिलाध्यक्ष बी एस नागेश ने उपस्थित समाज प्रमुखों,सगा जनों, प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आदिवासी अस्तित्व व रूढ़ि जन्य परंपरा की रक्षा के लिए पूरी तरह संगठित है।आवश्यकता पड़ने पर समान नागरिक संहिता वापस लेने आदिवासी धर्म कोड लागू कराने सड़क की लड़ाई लड़ने के लिए प्रादेशिक आंदोलन की घोषणा की जायेगी। बैठक में 12 आदिवासी समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। गोंड समाज से गोवर्धन सिदार,नोहरलाल सिदार, माधो सिदार ,चंद्रिका सिदार ,घुराऊ सिदार , सुश्री दीजोरी सिदार,सूर्यकांति सिंह,सिदार कमल वंशीय कंवर समाज से महेतर राम कंवर,मानसिंह कंवर, मोतीचंद, बीरबर सिंह देवचरण, राजू सिंह,मोहन सिंह,गंगाराम,परमेश्वर,राठिया कंवर समाज से रामप्रसाद राठिया लालू प्रसाद राठिया, श्रीमतीसुलोचना,राठिया 18गढ़ उरांव समाज से बटदेव उरांव, अध्यक्ष,वेदमणि,कृष्णदेव,मोतीलाल,दीपक,विजय,सुदर्शन,किरीटराम,राधेलाल,लच्छीराम, विजय भगत,दीपक लकड़ा,मसीही समाज से उमेश ,शिवचरण, भैना समाज से रामसिंह सिदार, अध्यक्ष,नारायण सिंह,प्रदीप,मनहरण,चुनीलालधो बा समाज से भरत लाल मलिक, अध्यक्ष सतीश,हीरालाल,राजकुमार,शोभाराम,शंकर लाल अनुपम कुमार,लक्ष्मीनारायण,प्रमोद,कलंगा समाज से जनकेश्वर सिदार,तोरण सिंह,देवनन्दन,मुक्तेश्वर,राधेराम, खड़िया समाज से भोग सिंग माझी,अध्यक्ष भुनेश्वर परजा,आनंद,महेंद्र सिदार,भागीरथी,संवरा समाज से भवानी सिदार,भूमिया समाज से रथ सिदार,कौंध समाज से शिव कुमार कौंध नागरची समाज से डी के नागरची सारंगढ़ से रामनाथ सिदार,तेजराम सिदार, मुंडा समाज से चैतन राम नागवंशी जांजगीर चांपा से बट देव उरांव, शक्ति से शंकर लाल उरांव ,हरतूराम,जशपुर से अल्बर्ट मिंज के अलावा अन्य समाज से प्रेम सिंह चौहान, गांडा,मुसलमान समाज से शाहनवाज खान रायगढ़ से।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here