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जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति के लिए शिक्षा जरूरी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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बेमेतरा को 2 करोड़ के गौरव पथ और ग्राम तिवरिया में विद्युत सब-स्टेशन की सौगात, 81 सेवानिवृत्त शिक्षक और 42 मेधावी विद्यार्थी हुए सम्मानित

ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया

थान खम्हरिया । जिला बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की, जबकि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

समारोह में मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया। वहीं जिले के 42 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से गोल्ड मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर प्रबुद्ध नागरिकों एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा प्रकाशित ‘शिक्षक स्मृति’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया।

‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान के तहत बेमेतरा जिले को क्रिटिकल जोन से सेमी-क्रिटिकल जोन में लाने के उल्लेखनीय कार्य के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला एवं नवागढ़ को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

बेमेतरा को दो बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समारोह में बेमेतरा जिले के विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बेमेतरा शहर में गौरव पथ निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने तथा ग्राम पंचायत तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन का निर्माण कराने की घोषणा की।

शिक्षक राष्ट्र के निर्माता : मुख्यमंत्री

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति के लिए शिक्षा जरूरी है। शिक्षक राष्ट्र के निर्माता होते हैं। शिक्षक जिस नागरिक का निर्माण करते हैं, उसी से देश और समाज का निर्माण होता है। शिक्षक समाज में ज्ञान का दीप जलाकर अज्ञानता के अंधकार को दूर करने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा विकास का मूल मंत्र है। शिक्षित व्यक्ति से ही समाज में जागृति आती है। शिक्षा ऐसा धन है, जिसे जितना बांटा जाए, उतना ही बढ़ता है। भारत प्राचीन काल से ही शिक्षा के क्षेत्र में विश्व गुरु रहा है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय इसकी गौरवशाली परंपरा के उदाहरण हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की शिक्षण संस्थाएं स्थापित हुई हैं। नालंदा परिसर के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को निःशुल्क स्टडी मटेरियल, लाइब्रेरी एवं कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने बताया कि नई दिल्ली के यूथ हॉस्टल में भी छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए कोचिंग की व्यवस्था की गई है। गरीब परिवारों के बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए 2 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि, शिक्षा ऋण एवं छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने ढाई वर्षों में मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा करने का काम किया है। सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई। महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए महतारी वंदन योजना तथा पारदर्शी सुशासन के लिए अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, सेवा सेतु और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी सेवाएं संचालित की जा रही हैं।

17 सितंबर को दीप प्रज्ज्वलित करने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक सेवाकाल पूर्ण होने एवं जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर को प्रदेशवासियों से अपने-अपने घरों में एक दीप प्रज्ज्वलित कर उनके सेवाभाव के प्रति आभार व्यक्त करने का आह्वान किया।

शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माता : अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि वेदों और पुराणों में शिक्षकों का विशेष महत्व रहा है। सनातन परंपरा में गुरु का स्थान सदैव सर्वोपरि रहा है। शिक्षक अज्ञानता के अंधकार को दूर कर विद्यार्थियों को ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है। शिक्षक ही समाज और राष्ट्र का निर्माता होता है तथा आने वाली पीढ़ी को सही दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।

‘शिक्षा वह शेरनी का दूध है…’ : दयाल दास बघेल

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पीता है वह दहाड़ता है।” उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक दीपक के समान होते हैं, जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देते हैं और बच्चों के भविष्य को संवारते हैं।

इस अवसर पर विधायक दीपेश साहू, विधायक ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष स्वामी राजीव लोचन दास, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर सहित शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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