ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया
थान खम्हरिया। परम पूजनीय साध्वी पार्वती गिरी के ब्रह्मलीन होकर देवलोक गमन के उपरांत सनातन परंपरा के अनुसार 12वें संस्कार एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन वाराणसी के अस्सी घाट स्थित आश्रम में किया गया। इस अवसर पर थान खम्हरिया नगर के श्रद्धालुओं की ओर से श्रद्धा और समर्पण के साथ भोज-भंडारे का आयोजन किया गया।
नगर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतिनिधित्व करते हुए मंदिर के पुजारी रामविलास शर्मा वाराणसी पहुंचे। उन्होंने आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संतों एवं महात्माओं को भोज-प्रसादी कराई गई तथा श्रद्धालुओं ने साध्वी पार्वती गिरी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

पूजनीय साध्वी पार्वती गिरी का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और आध्यात्मिक साधना का प्रेरणादायी उदाहरण रहा। संपन्न परिवार में जन्म लेने के बावजूद सांसारिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर उन्होंने अपना जीवन ईश्वर की भक्ति और मानव सेवा को समर्पित किया। उनका संपूर्ण जीवन आध्यात्मिक चेतना, धर्म और सेवा के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहा।
श्रद्धालुओं ने कहा कि साध्वी पार्वती गिरी का जीवन सदैव लोगों को त्याग, भक्ति और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा। उनके देवलोक गमन से श्रद्धालुओं में शोक की लहर है, लेकिन उनके विचार और सेवा की भावना सदैव समाज का मार्गदर्शन करती रहेगी।




