युवाओं की सहभागिता से टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगी नई गति
ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया
थान खम्हरिया, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान के लिए JOSH TEAM का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वर्चुअल कार्यक्रम के साथ कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशानुसार तथा सीएमएचओ डॉ. शरद कोहाड़े के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन टाउन हॉल, बेमेतरा में किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, मितानिनों एवं युवाओं ने सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन के लिए युवाओं, ग्राम पंचायतों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। JOSH TEAM के माध्यम से युवाओं को अभियान से जोड़कर ग्राम स्तर पर जागरूकता फैलाने, संभावित मरीजों की पहचान करने तथा जांच एवं उपचार के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। टीम में यूथ, एनएसएस, एनसीसी, युवा संगठनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

203 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त पंचायत के रूप में चिन्हित
जिले की कुल 425 ग्राम पंचायतों में से 203 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में चिन्हित किया गया है। वर्ष 2024 में यह संख्या 145 थी। राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, जिले में प्रति लाख आबादी पर लगभग 77 टीबी मरीज सामने आ रहे हैं।
टीबी मुक्त पंचायत के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार प्रति 1000 जनसंख्या पर कम से कम 30 टीबी जांच, टीबी मरीजों की संख्या दो से कम, उपचार सफलता दर 95 प्रतिशत तथा निक्षय मित्रों की शत-प्रतिशत सहभागिता जैसे मानकों पर कार्य किया जा रहा है।
जिले में 651 निक्षय मित्र दे रहे सहयोग
जिले में वर्तमान में 651 निक्षय मित्र टीबी मरीजों को सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इनके माध्यम से मरीजों को पोषण एवं अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के साथ नियमित उपचार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
ब्लॉकवार आंकड़ों के अनुसार बेमेतरा में 165, साजा में 135, नवागढ़ में 130 तथा बेरला में 129 टीबी मरीज दर्ज हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों की नियमित निगरानी एवं उपचार सुनिश्चित करने के साथ टीबी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
लक्षण दिखने पर कराएं निःशुल्क जांच
कार्यक्रम में नागरिकों से अपील की गई कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी रहना, शाम के समय बुखार आना, रात में पसीना आना, बलगम के साथ खून आना, छाती में दर्द, भूख न लगना तथा लगातार वजन कम होना जैसे लक्षण दिखाई देने पर टीबी की जांच अवश्य कराएं।
टीबी की आधुनिक NAAT जांच जिला एवं विकासखंड स्तर पर निःशुल्क उपलब्ध है। टीबी का उपचार भी निःशुल्क किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की कि उपचार बीच में अधूरा न छोड़ें, क्योंकि अधूरा उपचार ड्रग रेसिस्टेंट टीबी का कारण बन सकता है।
टीबी संक्रमण से बचाव के लिए खांसते या छींकते समय मुंह एवं नाक ढकने, स्वच्छता बनाए रखने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच कराने के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया। निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी मरीजों को उपचार की पूरी अवधि के दौरान पौष्टिक आहार के लिए प्रतिमाह 1000 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जाती है।
विधायक दीपेश साहू ने युवाओं से की सहभागिता की अपील
विधायक श्री दीपेश साहू ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में जनभागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि JOSH TEAM के माध्यम से युवाओं को जोड़कर टीबी की जांच, उपचार और बचाव का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने युवाओं एवं जिलेवासियों से अपील की कि टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर निःशुल्क जांच कराकर उपचार का पूरा कोर्स करें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास और जागरूकता के माध्यम से जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं मितानिनों को सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने टीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाने, टीबी से जुड़े भेदभाव को समाप्त करने तथा मरीजों को उपचार पूरा करने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में विधायक श्री दीपेश साहू, राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त श्री पहलाद रजक, श्री राजेंद्र शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री विजय सिन्हा, जनपद प्रतिनिधि श्री जय दिवाकर, शहर मंडल अध्यक्ष श्री युगल देवांगन, पार्षद श्रीमती नीतू कोठारी, सीएमएचओ डॉ. शरद कोहाड़े, सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू, जिला क्षय अधिकारी डॉ. बी.एल. राज, बीएमओ डॉ. जितेंद्र कुंजाम, डॉ. ए.के. वर्मा, डॉ. एम.एम. रज़ा, प्रभारी डीपीएम श्री मयंक जैन, डॉ. स्वाति यदु सहित सरपंच, जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में “टीबी को सिर्फ इलाज से नहीं, बचाव से भी हराना है” के संदेश के साथ जनजागरूकता गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम का संदेश रहा—“टी.बी. हारेगा, देश जीतेगा।”
अधिक जानकारी के लिए नागरिक राज्य हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 104 पर संपर्क कर सकते हैं।




