भगवान श्रीकृष्ण का आकर्षक श्रृंगार, भजन-कीर्तन और खीर के भोग से भक्तिमय हुआ वातावरण
थान खम्हरिया। नगर के राधा-कृष्ण जमात मंदिर में शरद पूर्णिमा का पर्व हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का आकर्षक श्रृंगार किया गया। मंदिर में भजन-कीर्तन के आयोजन से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा खीर का भोग अर्पित कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

मंदिर के महंत बसंत बिहारी दास ने शरद पूर्णिमा के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचाया था। इसी कारण इसे रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी चांदनी को अमृतमयी माना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण की आराधना के लिए इस पर्व का विशेष धार्मिक महत्व है।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया। भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से नगर में आस्था एवं आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर रामचंद्र दास वैष्णव, पुजारी नंदकुमार वैष्णव, राजा वैष्णव, पंडित रामावतार मिश्रा, अनिल सिंघानिया, दीपक बंसल, संजय सिंघानिया, आशीष बंसल, विष्णु जोशी, नटवर सिंघानिया एवं पुरुषोत्तम अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।




