खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान की आशंका, सब्जी उत्पादक किसानों की बढ़ी परेशानी; दीपावली का कारोबार भी प्रभावित
ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया
थान खमरिया। पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से बेमेतरा जिले में मौसम का मिजाज बदल गया है। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे से आसमान में घने बादल छाए रहे और रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। तेज हवाओं के साथ दिनभर मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहा। मौसम विभाग द्वारा जिले के लिए अलर्ट जारी किए जाने के बीच लगातार बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

जिले में लगभग 2.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई धान की फसल इस समय पकने की अवस्था में है। कई खेतों में धान कटाई के लिए तैयार खड़ा है। ऐसे समय में बारिश होने से खेतों में धान की फसल गिरने की आशंका बढ़ गई है। इससे कटाई और मिंजाई का काम प्रभावित होने के साथ ही धान के उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।
किसानों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि तैयार फसल को समय पर काटकर सुरक्षित रखना जरूरी है। यदि बारिश का दौर लंबे समय तक जारी रहता है, तो खेतों में कृषि कार्य रुक सकते हैं और फसल को सुरक्षित रखने में परेशानी होगी। किसानों का कहना है कि खेती में पहले ही बीज, खाद, दवा, मजदूरी और अन्य कार्यों पर काफी लागत लग चुकी है। ऐसे में मौसम की मार से फसल प्रभावित होने पर लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा।
सब्जी उत्पादकों की भी बढ़ी परेशानी
बारिश का असर केवल धान की फसल तक सीमित नहीं है। अपने खेतों और फार्म हाउस में सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी नुकसान की आशंका सता रही है। लगातार नमी और बारिश से सब्जियों की फसल प्रभावित होने तथा कृषि कार्यों में बाधा आने की चिंता बनी हुई है। किसान अब मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला बढ़ता है, तो खेती-किसानी को और नुकसान उठाना पड़ सकता है।
दीपावली के कारोबार पर भी पड़ा असर
मौसम में आए बदलाव का असर दीपावली की तैयारियों और बाजार पर भी दिखाई दिया। त्योहार को देखते हुए व्यापारियों ने दुकानों में सामान सजा लिया है और ग्राहकों के आने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन बारिश और खराब मौसम के कारण बाजार में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित रही। दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से व्यापारी भी ग्राहकों की राह देखते नजर आए।
फिलहाल किसान और व्यापारी दोनों मौसम साफ होने की उम्मीद कर रहे हैं। किसानों को जहां अपनी तैयार फसल सुरक्षित रखने की चिंता है, वहीं व्यापारियों को दीपावली के दौरान कारोबार गति पकड़ने का इंतजार है।




