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आस्था वृद्धा आश्रम में 20 लाख की लागत से बने कार्यालय, पुस्तकालय एवं भोजनालय का सांसद विजय बघेल ने किया लोकार्पण

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25 वर्षों से बेसहारा बुजुर्गों की सेवा में जुटी संस्था, आश्रम में निवासरत हैं 80 बुजुर्ग

ब्यूरो चीफ अनिल सिंघानिया

थान खम्हरिया। भिलाई के सेक्टर-2 स्थित आस्था वृद्धा आश्रम में स्वर्गीय श्रीमती बानू बाई गेडाम की पुण्य स्मृति में 20 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित कार्यालय, पुस्तकालय एवं भोजनालय का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल एवं विशिष्ट अतिथि दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश बिचपुरिया, शंकरलाल देवांगन, प्रभुनाथ मिश्रा, नीमराज वर्मा, दिलेश्वर उमरी एवं संतोष राणा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद विजय बघेल ने आश्रम परिसर स्थित शिव मंदिर में पूजा-अर्चना कर किया। इसके पश्चात उन्होंने फीता काटकर नवनिर्मित कार्यालय, पुस्तकालय एवं भोजनालय का लोकार्पण किया। साथ ही स्वर्गीय बानू बाई गेडाम के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

संस्था के संस्थापक अध्यक्ष प्रकाश गेडाम ने बताया कि आस्था वृद्धा आश्रम आपसी सहयोग एवं दानदाताओं के योगदान से पिछले लगभग 25 वर्षों से निरंतर संचालित हो रहा है। वर्तमान में आश्रम में करीब 80 बुजुर्ग निवासरत हैं, जिनमें 50 महिलाएं एवं 30 पुरुष शामिल हैं। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्वीकृत 20 लाख रुपये की राशि से कार्यालय, पुस्तकालय एवं भोजनालय का निर्माण कराया गया है

सांसद विजय बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि मानव सेवा को अपना आभूषण मानकर आस्था संस्था वर्षों से जरूरतमंद एवं बेसहारा बुजुर्गों की सेवा कर रही है। स्वर्गीय बानू बाई गेडाम के संस्कारों और आशीर्वाद से यह सेवा कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रकाश गेडाम एवं उनकी पूरी टीम जिस समर्पण भाव से बुजुर्गों की सेवा कर रही है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है।

उन्होंने कहा कि जिन बुजुर्गों का कोई सहारा नहीं है और जिन्हें उनके परिवार ने छोड़ दिया है, ऐसे लोगों को आश्रम में परिवार जैसा स्नेह, सम्मान और अपनापन दिया जाता है। यहां बुजुर्गों की सेवा करना किसी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के समान है। प्रकाश गेडाम स्वयं बुजुर्गों की देखभाल से लेकर उनकी प्रत्येक जरूरत का ध्यान रखते हैं। इसके साथ ही एक हजार से अधिक लावारिस शवों का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराना उनकी मानव सेवा की भावना को दर्शाता है।

सांसद ने कहा कि आज के दौर में जहां कई संस्थाएं कुछ समय बाद बंद हो जाती हैं, वहीं आस्था संस्था का 25 वर्षों से लगातार सेवा कार्य करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इसके पीछे स्वर्गीय बानू बाई गेडाम के दिए संस्कार, उनकी सेवा भावना और पूरी टीम का समर्पण है। उन्होंने नवनिर्मित भवन के लोकार्पण पर संस्था के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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