बलौदा बाजार- खनिज माफियाओं की दबंगई अब जिला प्रशासन की रडार पर आ चुकी है। खपराडीह गांव में एक युवक को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटे जाने की घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। इस घटना के सामने आते ही प्रशासन हरकत में आ गया और खनिज विभाग ने तत्काल बड़ी कार्रवाई करते हुए खपराडीह में संचालित 7 अवैध क्रेशर यूनिटों को सील कर दिया है। जिले की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई- यह कार्यवाही बलौदा बाजार जिले में अवैध खनन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई मानी जा रही है। खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी क्रेशर यूनिट्स पर ताले जड़ दिए और मशीनों को पूरी तरह बंद कर दिया गया। मीडिया की जनहित भूमिका- इस मामले में अमर उजाला द्वारा प्रसारित खबर ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर किया। क्रेशर संचालन की जांच की मांग को मीडिया ने जोरशोर से उठाया और इसका त्वरित असर भी देखने को मिला। एक बार फिर यह साबित हुआ कि मीडिया की भूमिका लोकतंत्र में जनहित के लिए कितनी अहम है। पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल- जहां खनिज विभाग ने तत्परता दिखाई, वहीं बलौदा बाजार पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है। पुलिस ने इस हमले को “प्रेम प्रसंग” से जुड़ा मामला बताकर दबाने की कोशिश की और प्रेस विज्ञप्ति जारी की, जिसने प्रशासनिक पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। राजनीतिक हलचल तेज- इस पूरे प्रकरण पर भाजपा आईटी सेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की तस्वीर के साथ एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें पीड़ित युवक को न्याय दिलाने की मांग की गई है। इसे ‘शोषितों के पक्ष में शासन का प्रहार’ बताया गया है। इससे मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है।अब बड़ा सवाल- क्या बलौदा बाजार पुलिस अब भाजपा के पोस्टर को “गलत” ठहराएगी या अपने पहले के बयान से पीछे हटेगी? यह देखना बाकी है।
“हमने युवक के साथ हुई मारपीट की घटना को गंभीरता से लिया है। कानून के दायरे में अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिले में अवैध क्रेशर संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“-दीपक सोनी, कलेक्टर बलौदा बाजार,




