प्रयागराज के करछना के भड़ेवरा बाजार में बवाल कर रहे उपद्रवी तब नियंत्रण में आए जब यहां के स्थानीय ग्रामीण और बाजार के लोगों ने उनका विरोध करते हुए खुद मोर्चा संभाल लिया। इनके मोर्चा संभालते ही दूर खड़ी पुलिस भी सक्रिय हो गई। उपद्रवियों पर बल प्रयोग करते हुए उन्हें भगाया। इसके बाद दो घंटे से चल रहा बवाल 20 मिनट में शांत हो गया। हालांकि, क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
बता दें कि रविवार को आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद के करछना के इसौटा गांव में आने की जानकारी पर सुबह से बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक हनुमानपुर मोरी पर इकट्ठा हो रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि चंद्रशेखर आजाद को सर्किट हाउस में रोके जाने पर समर्थक उग्र हो जाएंगे।
दोपहर को जैसे ही उन्हें अपने नेता के रोके जाने की सूचना मिली तो उन्होंने चक्काजाम कर दिया। उस समय मौके पर भुंडा चौकी प्रभारी ने सिपाहियों के साथ स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने उन्हें खदेड़ दिया।
इसके बाद भीड़ राहगीरों, स्थानीय दुकानदारों पर हमलावर हो गई। दुकानों पर पत्थरबाजी की गई। करछना-कोहड़ार मार्ग पर हनुमानपुर मोरी से लेकर भड़ेवरा बाजार लगभग 250 मीटर तक उपद्रवी दो घंटे तक अपनी मनमानी करते रहे।
बवाल के बाद पुलिस जांच पड़ताल में जुटी तो मौके पर 42 बाइकें लावारिस हाल में मिलीं। बाजार के व्यापारियों से पूछने पर कोई भी इनके बारे में कुछ बता नहीं पाया। इसके बाद इन सभी को पुलिस कब्जे में लेकर थाने ले आई। साथ ही इन्हें सीज कर दिया गया।
माना जा रहा है कि यह बाइकें उपद्रव में शामिल युवकों की हैं जो पुलिस के खदेड़ने पर बाइक छोड़कर भाग निकले। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव का कहना है कि सभी बाइकें सीज कर दी गई हैं। नंबर से पता लगाया जा रहा है कि बाइकें किन लोगों के नाम पर हैं। इन सभी को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।



