अंडरब्रिज में रात को तो लाइट जलती रहती है, लेकिन सुबह होते ही पूरा ब्रिज अंधेरे में डूब जाता है। मोटरसाइकिल और कार चालक तो अपने वाहनों की लाइट जलाकर गुजर जाते हैं, मगर पैदल राहगीरों के लिए यह रास्ता बेहद जोखिम भरा हो जाता है।
शहर के प्रमुख मार्ग हटरी बाजार पर बना रेलवे अंडरब्रिज एक बार फिर चर्चा में है। यह अंडरब्रिज शहर को दो हिस्सों में बांटता है। एक ओर एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, न्यायालय सहित कई शासकीय कार्यालय हैं, तो दूसरी ओर घनी आबादी और छोटे-बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान स्थित हैं। ऐसे में प्रतिदिन हजारों लोगों का आना-जाना इसी अंडरब्रिज से होता है।
समस्या यह है कि अंडरब्रिज में रात को तो लाइट जलती रहती है, लेकिन सुबह होते ही पूरा ब्रिज अंधेरे में डूब जाता है। मोटरसाइकिल और कार चालक तो अपने वाहनों की लाइट जलाकर गुजर जाते हैं, मगर पैदल राहगीरों के लिए यह रास्ता बेहद जोखिम भरा हो जाता है। राहगीरों का कहना है कि अक्सर आवारा पशु अंडरब्रिज के अंदर खड़े या बैठे मिल जाते हैं, जिससे कभी भी अनहोनी हो सकती है।
जब इस संबंध में भाटापारा रेलवे स्टेशन मास्टर अजय कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा, “दिन में अंधेरा तो नहीं होना चाहिए, लेकिन आपके माध्यम से जानकारी मिली है। इस पर जांच कराई जाएगी।” स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।




