रायपुर, शराब घोटाला केस में आरोपी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। चैतन्य को यह जमानत ईओडब्ल्यू-एसीबी और ईडी दोनों मामलों में मिली है। उनके वकील हर्षवर्धन परगनिया ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि कोर्ट ने दोनों प्रकरणों में जमानत मंजूर कर दी है। चैतन्य पिछले 6 महीने से जेल में बंद हैं। इस दौरान उन्होंने कई बार जमानत के लिए प्रयास भी किया, मगर मामले पर सुनवाई टलती रही थी। शुक्रवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में चैतन्य के जमानत के मामले में एसीबी, ई़डी और ईओडब्ल्यू में इसकी सुनवाई हुई जिसके बाद न्यायालय ने चैतन्य की जमानत याचिका को स्वीकार कर उन्हें जमानत देने का फैसला लिया। ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम , 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई। अब देखना है कोर्ट के आदेश के बाद रायपुर की अदालत में चैतन्य को पेश किया जाएगा इसके बाद रायपुर कोर्ट से आदेश मिलने पर उन्हें जेल से रिहा किया जाएगा।




