नरेन्द्र कुमार सेन
महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद महाराज ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि यह मंच राजऋषि और ब्रह्मऋषि के पावन मिलन का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि विद्वान संत ब्रह्मऋषि के रूप में मार्गदर्शन करते हैं, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ब्रह्मऋषियों का आशीर्वाद लेकर राजऋषि की भूमिका निभा रही है, इसके लिए सरकार साधुवाद की पात्र है। महाराज जी ने कहा कि वे पिछले 12 वर्षों से निरंतर राजिम कुंभ में आ रहे हैं और यह अनुभव करते हैं कि यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि पुण्य, भक्ति और ज्ञान का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि आसुरी वृत्ति देवताओं की प्रसन्नता का माध्यम नहीं बन सकती, जबकि राजिम कुंभ जैसे आयोजनों से आध्यात्मिक चेतना और पुण्य की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ही एकमात्र धर्म है, शेष सब विचार धाराएं हैं। सनातन धर्म की जीवंत झलक इस पूरे मंच पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न संप्रदायों ने अपने-अपने मजहब बनाए हैं, लेकिन सनातन परंपरा सबको समाहित करती है। महामंडलेश्वर ने कहा कि यदि राजिम कुंभ कल्प मेले को सतत और स्थायी रूप से आगे बढ़ाना है, तो धार्मिक विचारधारा के साथ दृढ़ता से जुड़े रहना होगा। सनातन धर्म के अनुष्ठानों से भगवान श्रीराम प्रसन्न होते हैं और इसी भाव के साथ इस महापर्व को स्थायित्व देने के लिए निरंतर प्रयास किया जाना चाहिए।
राजिम कुंभ कोई कार्यक्रम नहीं, महामहोत्सव है
इस अवसर पर उपस्थित राजीव लोचन महाराज ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प कोई साधारण कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की आन-बान-शान का महामहोत्सव है। हर वर्ष संतों का यहां आगमन इस आयोजन को विशेष बनाता है। छत्तीसगढ़ की जनता धर्म और संस्कृति को सर्वाेच्च स्थान देती है। उन्होंने “राम नाम सांचा, राम हमर भांचा” जैसे नारों के माध्यम से सनातन चेतना का संदेश दिया तथा कुंभ पर्व की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, रायपुर कमिश्नर महादेव कांवरे, गरियांबद कलेक्टर बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, गरियाबंद जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, राजिम नगर पालिका के अध्यक्ष महेश यादव, नवापारा नगर पालिका की अध्यक्षा ओमकुमारी साहू, जिला पंचायत सदस्य इंद्रजीत महाडिक, शिवांगी चतुर्वेदी, नंदनी साहू, रिखीराम, राजेंद्र सूर्यवंशी, रूपनारायण साहू, संस्कृति विभाग के उप संचालक प्रताप चंद पारख सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पतंजल मिश्रा, सृष्टि मिश्रा ने किया।




