ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया
थानखम्हरिया। प्रदेश में सुशासन तिहार के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा लगातार जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दे रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर कई जनसमस्याएं अब भी लंबित होने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
नगर में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण और अवैध खरीदी-बिक्री का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 14 स्थित खसरा नंबर 720 की शासकीय भूमि पर कब्जा कर खरीदी-बिक्री किए जाने की शिकायत कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार तथा राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से की गई है। शिकायत के बाद संबंधित पटवारी को जांच के निर्देश तो दिए गए, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं होने से कार्रवाई अधर में लटकी हुई है।
इसी प्रकार गौठान भूमि पर भी कथित रूप से भू-माफियाओं द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन तक नहीं उठाते और शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते। उनका कहना है कि भाजपा सरकार के गठन को ढाई वर्ष होने जा रहे हैं, लेकिन कई विभागों में अधिकारियों की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है।
कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि संगठन स्तर पर कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनने और उनके सुझावों पर चर्चा करने के लिए नियमित बैठकें नहीं हो रही हैं। उनका मानना है कि सरकार और संगठन को जमीनी कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं तथा जनसमस्याओं के निराकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
इस संबंध में एसडीएम पिंकी मनहर ने कहा कि शिकायत की जानकारी प्राप्त हुई है तथा उन्होंने तहसीलदार को जांच के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के लोगों का मानना है कि जनसमस्याओं का समय पर समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही किसी भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि शिकायतों और अतिक्रमण जैसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती है, तो जनता में असंतोष बढ़ सकता है।



