एक छात्र को सिर में गंभीर चोट, सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल रेफर
ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया
थानखम्हरिया। थानखम्हरिया के समीप स्थित ग्राम ग्वारा के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कक्षा दूसरी में पढ़ाई के दौरान अचानक छत का प्लास्टर भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में दो छात्र घायल हो गए। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घायलों में प्रवेश निषाद (पिता चंद्रशेखर निषाद) एवं पारस यादव (पिता सुरेश यादव, उम्र लगभग 8 वर्ष) शामिल हैं। हादसे में प्रवेश निषाद के सिर एवं कंधे में गंभीर चोट आई, जबकि पारस यादव के हाथ एवं पैर में चोट लगी।
घटना के तुरंत बाद विद्यालय के प्रधान पाठक विमला सिन्हा ने ग्रामीणों के सहयोग से दोनों बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉ. स्वदेश जायसवाल की देखरेख में उनका प्राथमिक उपचार किया गया। बाद में सिर में गंभीर चोट होने के कारण प्रवेश निषाद को सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल बेमेतरा रेफर किया गया। समाचार लिखे जाने तक सीटी स्कैन की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई थी।

प्रधान पाठक विमला सिन्हा ने बताया कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी पूर्व में ही संबंधित विभाग को दे दी गई थी। इसके बावजूद समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण यह हादसा हो गया।
घटना के बाद अभिभावकों एवं ग्रामीणों में शिक्षा विभाग के प्रति गहरा आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने विद्यालय भवन की तत्काल तकनीकी जांच कराने, जर्जर कक्षाओं को बंद करने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा मरम्मत कार्य पूरा होने तक बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित वैकल्पिक कक्षाओं में संचालित कराने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी डी. जी. पात्रा विद्यालय पहुंचे और दुर्घटनाग्रस्त कक्षा को तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में उनकी पदस्थापना हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी विद्यालयों का निरीक्षण कराया जाएगा। साथ ही सभी प्रधान पाठकों एवं प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि जहां भी जर्जर अथवा असुरक्षित कक्षाएं हों, उन्हें तत्काल बंद कर उसकी सूचना विभाग को भेजें।
घटना के दौरान सरपंच प्रतिनिधि पुन्नी तोरण यादव, लोकेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पालक उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालय भवन की शीघ्र मरम्मत, तकनीकी जांच तथा सुरक्षित शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।




