Home छत्तीसगढ़ गुवारा स्कूल हादसे पर जिला प्रशासन सख्त, उच्चस्तरीय जांच शुरू

गुवारा स्कूल हादसे पर जिला प्रशासन सख्त, उच्चस्तरीय जांच शुरू

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समाचार का असर

दो बच्चों के घायल होने के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस, 7 दिन में जांच रिपोर्ट तलब

ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया

थानखम्हरिया, विकासखंड साजा अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला गुवारा में कक्षा की छत का प्लास्टर गिरने से दो विद्यार्थियों के घायल होने की घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश पर मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर जवाबदेही तय करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

घटना में प्रवेश (पिता चन्द्रशेखर) एवं पारस (पिता सुरेश) घायल हुए हैं। संबंधित विद्यालय भवन का मरम्मत कार्य मुख्यमंत्री जतन योजना के तहत वर्ष 2023 में कराया गया था। अब मरम्मत कार्य की गुणवत्ता एवं निर्माण एजेंसी की भूमिका की जांच के लिए चार सदस्यीय संयुक्त जांच समिति गठित की गई है।

जांच समिति में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता डी.के. चंदेल, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अनुविभागीय अधिकारी अमर सिंह पैंकरा, सीजीएमएससी के उप अभियंता कमल सिन्हा तथा मंडी बोर्ड के उप अभियंता परवेज बेग को शामिल किया गया है। समिति को सात दिवस के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय प्राथमिक शाला गुवारा के प्रधान पाठक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में कहा गया है कि जर्जर भवन में बच्चों को नहीं बैठाने एवं भवन को बंद रखने के पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण यह घटना हुई। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत समन्वयक एवं संबंधित संकुल समन्वयक से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि जर्जर भवन का निरीक्षण कर उसे चिन्हित करने, ताला बंद कराने एवं प्रधान पाठक को आवश्यक निर्देश देने में लापरवाही बरती गई, जिससे यह दुर्घटना हुई।

कलेक्टर कार्यालय ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि घटना की विस्तृत जांच रिपोर्ट तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि संबंधित विद्यालय को जर्जर भवनों की सूची में शामिल क्यों नहीं किया गया तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।

मुख्यमंत्री जतन योजना के तहत हुए मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के कार्यपालन अभियंता को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है। नोटिस में निर्माण कार्यों के निरीक्षण एवं आवश्यक सुधार नहीं कराने तथा संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध समय पर कार्रवाई नहीं करने पर जवाबदेही तय करने की बात कही गई है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कर दोषी पाए जाने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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