थानखम्हरिया। नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं आसपास के ग्रामीण अंचल में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले स्वर्गीय रामसहाय सिंघानिया की धर्मपत्नी श्रीमती सुशीला देवी सिंघानिया का मंगलवार सुबह लगभग सुबह 5 बजे गोंदिया स्थित निज निवास पर निधन हो गया। जिनकी उम्र 90वर्ष थी, उनके निधन का समाचार मिलते ही नगर सहित अग्रवाल समाज एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई।
स्वर्गीय सुशीला देवी एक कुशल गृहिणी, सरल, साहसी एवं धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। उन्होंने अपने जीवन में परिवार के साथ-साथ समाज को भी सदैव संस्कार, स्नेह और अपनापन दिया। उनका वात्सल्य, सेवा भाव एवं मार्गदर्शन समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहा। उनके निधन से सिंघानिया परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज ने एक सम्मानित मातृशक्ति को खो दिया है।
वे किशोरी सिंघानिया, बसंत सिंघानिया, कृष्णा सिंघानिया, दिनेश सिंघानिया, महेश सिंघानिया एवं अशोक सिंघानिया की पूज्य माताजी थीं।
शोक व्यक्त करते हुए अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष रामावतार अग्रवाल, जिला महामंत्री महेश अग्रवाल एवं बेमेतरा जिला अध्यक्ष अनिल सिंघानिया ने कहा कि ताईजी के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें। उन्होंने कहा कि मां का साया जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होता है, उसके चले जाने से जो रिक्तता आती है, उसे कभी भरा नहीं जा सकता।
अंतिम संस्कार में थानखम्हरिया, गंडई, रायपुर सहित विभिन्न स्थानों से सिंघानिया परिवार, समाजजन, मित्रगण एवं रिश्तेदार गोंदिया पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।




