नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन के बीच अब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान सामने आया है। संघ प्रमुख ने कहा कि आज की नई पीढ़ी से संवाद की जरूरत है। आरएसएस प्रमुख का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब छात्र अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे है। हालांकि, इस बीच सीजेपी के प्रवक्ताओं और सरकार के बीच दो दौर की बातचीत हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, तीसरे दौर की बातचीत आज होनी की संभावना है।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दिल्ली मे ‘विश्व मांगल्य सभा’ के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “जब हम छोटे थे तब आज्ञा पालन का जमाना था। अभी ऐसा नहीं है। नई पीढ़ी प्रश्न पूछती है। उन्हें तर्क बताना पड़ता है। बहुत अधिक अपनापन देने की जरूरत है। समय देने की जरूरत है। संवाद करने की जरूरत है। आज परिवार में बातचीत बंद हो गई है। मोहन भागवत ने कहा कि नई पीढ़ी हर चीज में तर्क ढूंढती है और चर्चा में विश्वास रखती है, हुक्म चलाने में नहीं। उन्होंने कहा, “कभी-कभी बच्चे, खासकर विदेश में ये सवाल पूछते हैं कि इस देवता का चेहरा बंदर जैसा क्यों है और इस देवता का चेहरा हाथी जैसा क्यों है? वे घर आकर ये सवाल पूछते हैं, लेकिन पिता को नहीं पता होता, माता को नहीं पता होता। यह पाठ्यपुस्तकों का हिस्सा होना चाहिए, हालांकि बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।




