बेमेतरा जिले में साजा विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से सरकारी स्कूलों के लिए खरीदे गए कंप्यूटरों की खरीद प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में आ गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान क्षेत्र के 40 सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर वितरित किए गए, लेकिन अब आरोप है कि बाजार में अधिकतम 60 हजार रुपए कीमत वाले कंप्यूटर सेट की खरीदी करीब एक से 1.50 लाख रुपए प्रति सेट की दर से की गई। यानी एक-एक कंप्यूटर बाजार मूल्य से लगभग तीन गुना महंगे दाम पर खरीदा गया। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता डिप्टी कलेक्टर कृष्ण कुमार साहू करेंगे। जिला कोषालय अधिकारी प्रशांत प्रधान, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर महेंद्र कुमार वर्मा और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी रोहित चंद्रवंशी को सदस्य बनाया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित स्कूलों में उपलब्ध कंप्यूटरों की गुणवत्ता, उनकी वास्तविक उपलब्धता तथा संपूर्ण खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जांच कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी पारदर्शिता से होगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने आरोप लगाया कि खरीदी गई सामग्री की कीमत बाजार मूल्य से कई गुना अधिक बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा और जनता के पैसे से जुड़े विश्वास पर भी गंभीर सवाल है। उन्होंने पूछा कि क्या खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी, क्या सभी निर्धारित नियमों का पालन किया गया और यदि अनियमितता हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
वहीं, साजा विधायक ईश्वर साहू ने कहा कि विधायक निधि से कंप्यूटर खरीदी के लिए फंड जारी किया गया था। यदि किसी को इस प्रक्रिया पर आपत्ति या शिकायत है, तो उसकी जांच अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। अब सभी की नजर जिला प्रशासन की जांच समिति पर टिकी है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला बेमेतरा जिले में विधायक निधि से हुई खरीद से जुड़ी सबसे बड़ी वित्तीय अनियमितताओं में शामिल हो सकता है।




