महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में लगातार बारिश के बीच एक परिवार की यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। उफनती नदी पर बने पुल से गुजरते समय तेज बहाव में एसयूवी बह गई, जिससे एक महिला और उसकी दो बेटियों की जान चली गई। वाहन में सवार पति किसी तरह पेड़ का सहारा लेकर बच निकले, लेकिन अपने परिवार को नहीं बचा सके।
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक महिला और उसकी दो बेटियों के शव उस एसयूवी के साथ बरामद किए गए, जो बाढ़ के पानी में बह गई थी। तीनों बीते गुरुवार से लापता थीं।
पेड़ के सहारे पति की बची जान
वाहन के बहने के दौरान अविनाश खंडारे ने सूझबूझ दिखाते हुए एक पेड़ को पकड़ लिया और अपनी जान बचा ली। हालांकि, उनकी पत्नी माधवी और उनकी दो छोटी बेटियां वाहन के भीतर ही तेज बहाव में बह गईं। वह उन्हें बचाने में कामयाब नहीं हुए। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने पूरी रात सघन तलाश अभियान चलाया। इसके बाद तीनों के शव बरामद कर लिए गए।
वाहन के बहने के दौरान अविनाश खंडारे ने सूझबूझ दिखाते हुए एक पेड़ को पकड़ लिया और अपनी जान बचा ली। हालांकि, उनकी पत्नी माधवी और उनकी दो छोटी बेटियां वाहन के भीतर ही तेज बहाव में बह गईं। वह उन्हें बचाने में कामयाब नहीं हुए। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने पूरी रात सघन तलाश अभियान चलाया। इसके बाद तीनों के शव बरामद कर लिए गए।
महाराष्ट्र में भीषण बारिश जारी
इससे पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने महाराष्ट्र में पांच दिनों तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया था। विभाग ने कई जिलों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए थे। इस महीने की शुरुआत में राज्य में बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में एक ही दिन में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 10 अन्य घायल हुए थे।
इससे पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने महाराष्ट्र में पांच दिनों तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया था। विभाग ने कई जिलों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए थे। इस महीने की शुरुआत में राज्य में बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में एक ही दिन में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 10 अन्य घायल हुए थे।
राज्य आपातकालीन नियंत्रण कक्ष के अनुसार, भारी बारिश के कारण करीब 100 मकान क्षतिग्रस्त हुए। वहीं, बाढ़ जैसे हालात से प्रभावित सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।




