ब्यूरो चीफ : अनिल सिंघानिया
थानखम्हरिया,। सावन माह के पावन अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच, थानखम्हरिया द्वारा कवर्धा रोड स्थित महाराणा प्रताप भवन में कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर में कांवड़ यात्रियों के लिए भोजन, शीतल जल, जलपान, विश्राम एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
सेवा शिविर का शुभारंभ परम पूज्य गुरुदेव पं. संतोषी लाल पाराशर ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक सहयोग का भी महापर्व है। निस्वार्थ भाव से कांवड़ यात्रियों की सेवा करने वाले सभी कार्यकर्ता एवं समाजजन बधाई के पात्र हैं। ऐसे सेवा शिविर श्रद्धालुओं की यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गुरुदेव ने कहा कि सावन मास में निकाली जाने वाली कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा, आत्मसमर्पण और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा की परंपरा समुद्र मंथन, रावण की शिवभक्ति तथा श्रवण कुमार के सेवा भाव से जुड़ी हुई है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए हलाहल विष का पान किया था। विष के प्रभाव को शांत करने के लिए देवताओं ने उन पर गंगाजल अर्पित किया, तभी से भगवान शिव पर गंगाजल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है और वे नीलकंठ के नाम से विख्यात हुए।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को सेवा कार्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज सेवा और धर्म सेवा का यह कार्य निरंतर चलता रहना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अनिल सिंघानिया, शिव बिंदल, हरिश डोकानिया, विष्णु अग्रवाल, विकास बंसल, पंकज अग्रवाल, आयुष बंसल, राम अग्रवाल, यशेश अग्रवाल, कान्हा बिंदल, वंश केड़िया, वंश अग्रवाल, समृद्ध अग्रवाल, विवेक डोकानिया, अंकित बिंदल, अतुल सिंघानिया, रौनक केड़िया एवं शुभम केड़िया सहित मारवाड़ी युवा मंच के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।




