तेलंगाना में भाजपा के बड़े हिंदुत्ववादी चेहरे टी राजा सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है, राज्य भाजपा के अध्यक्ष पद में पिछड़ने के बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। भाजपा एन रामचंदर राव को तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है।
तेलंगाना में भाजपा के बड़े हिंदुत्ववादी चेहरे टी राजा सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। कहा जा रहा है कि राज्य भाजपा के अध्यक्ष पद में पिछड़ने के बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। चर्चा है कि भाजपा तेलंगाना के एक बड़े वकील और अपने पुराने नेता एन रामचंदर राव को तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है। वे केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी का स्थान लेंगे।
एन रामचंदर राव भाजपा के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं। वे उस्मानिया विश्वविद्यालय में भाजपा की छात्र इकाई एबीवीपी के सक्रिय सदस्य रहे थे। उन्होंने छात्रसंघ के चुनाव में कई बार जीत हासिल की है और इमरजेंसी के दौरान उन्हें 14 बार जेल भी जाना पड़ा था। कहा जा रहा है कि पार्टी के प्रति अपनी वैचारिक निष्ठा के कारण आज उन्हें बड़े ईनाम से नवाजा जा सकता है।
एन रामचंदर राव की छवि राज्य की राजनीति में बहुत साफ-सुथरी मानी जाती है। वे तेलंगाना में भाजपा के लिए लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 2015 से 2021 में तेलंगाना के विधानपरिषद के सदस्य रहे हैं। वे पार्टी के लीगल सेल के लिए भी काम कर रहे थे।
दौड़ में शामिल थे बड़े चेहरे
राज्य भाजपा अध्यक्ष के तौर पर पिछले कई दिनों से कई बड़े चेहरों का नाम शामिल बताया जा रहा था। इसमें पार्टी के राज्यसभा अध्यक्ष के. लक्ष्मण भी शामिल थे जिनके नेतृत्व में पार्टी इस समय चुनाव अभियान चला रही है। इसके अलावा एटला राजेंदर भी तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में शामिल थे। पिछले चुनाव के दौरान ही पार्टी में अपनी सक्रिय भूमिका के लिए चर्चित हुए एटला राजेंदर भी इस दौड़ में शामिल थे। लेकिन कहा जा रहा है कि पार्टी इन सबको पीछे छोड़ते हुए रामचंदर राव पर अपना दांव लगा सकती है।
‘रामचंदर राव की छवि साफ छवि से पार्टी को होगा लाभ’
तेलंगाना से भाजपा नेता गालिब अहमद ने अमर उजाला से कहा कि अभी पार्टी ने किसी का नाम तय नहीं किया है, लेकिन यदि रामचंदर राव पार्टी के अध्यक्ष बनते हैं तो इससे पार्टी को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत की राजनीति गैर ब्राह्मण केंद्रित मानी जाती है, लेकिन इसके बाद भी दक्षिण में कई ब्राह्मण चेहरे बड़े नेता के तौर पर स्थापित हुए हैं। पार्टी ने आदिवासी और पिछड़ों पर केंद्रित राजनीति वाले राज्य तेलंगाना में ब्राह्मण चेहरे पर दांव खेलने का प्लान बनाया है तो इसे रामचंदर की स्वच्छ छवि को ही जिम्मेदार कहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने रविवार को राज्य के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था जिसमें सोमवार शाम चार बजे तक नामांकन दाखिल कराया जा सकता था और शाम पांच बजे तक नाम वापस लिया जा सकता था। चर्चा है कि भाजपा एन रामचंदर राव पर अपना दांव खेल सकती है। इसी से नाराज टी राजा सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।



