रायपुर, रायपुर सांसद एवं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) छत्तीसगढ़ सलाहकार समिति चेयरमैन बृजमोहन अग्रवाल अध्यक्षता में एफसीआई छत्तीसगढ़ सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य में चावल की खरीदी, भंडारण और परिवहन में तालमेल बैठाकर कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया गया। सांसद ने कहा कि एफसीआई की पूरी व्यवस्था का केंद्र बिंदु छत्तीसगढ़ का किसान और आम नागरिक है। उन्होंने निर्देशित किया कि राज्य के किसानों को उनके धान का उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिले, इसके लिए प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं त्वरित बनाया जाए। वहीं, आम जनता के लिए पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के माध्यम से खाद्यान्न की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीडीएस दुकानों में स्टॉक की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना एफसीआई की जिम्मेदारी है, ताकि किसी भी स्थिति में प्रदेश की जनता को राशन के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। किसानों की खुशहाली और जनता को निर्बाध राशन पहुँचाना ही इस समिति का मुख्य ध्येय है। बैठक के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में भारतीय खाद्य निगम के मंडल कार्यालय स्थापित करने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया। वर्तमान में राज्य में केवल तीन मंडल कार्यालय कार्यरत हैं- बिलासपुर और दुर्ग, जिनमें से प्रत्येक के अंतर्गत 14-14 जिले आते हैं, तथा रायपुर मंडल के अंतर्गत 5 जिले शामिल हैं। सांसद ने तर्क दिया कि प्रशासनिक सुगमता और कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए संभाग स्तर पर कार्यालयों का विस्तार आवश्यक है, ताकि विशाल भौगोलिक क्षेत्र में फैले इन जिलों में खाद्यान्न प्रबंधन और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि राज्य में भंडारण क्षमता की कमी के कारण धान उठाव में बाधा आती है, जिससे सरकार और जनता का आर्थिक नुकसान होता है। इसे रोकने के लिए उन्होंने गोडाउन क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में 3 लाख मैट्रिक टन के पैक्स गोडाउन और 1.5 लाख मैट्रिक टन क्षमता के नए गोदामों के निर्माण पर चर्चा हुई । सांसद ने कहा कि भंडारण को प्रोत्साहित करने के लिए निजी क्षेत्र को 10 साल की गारंटी के साथ गोदाम निर्माण हेतु आकर्षित किया जाए, इसके अलावा, बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खात्मे के बाद वहां भी गोदाम क्षमता बढ़ाने पर सहमति बनी।जिसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।श्री अग्रवाल ने एफसीआई अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि धान और चावल की प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया को तेज किया जाए ताकि किसानों और राइस मिलर्स को कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि “नुकसान शून्य” होना चाहिए। बरसात के मौसम और मौसम के बदलाव के कारण जो धान का नुकसान होता है, उसे पूरी तरह रोका जाना सुनिश्चित करें। पीडीएस के माध्यम से जनता तक खाद्यान्न की आपूर्ति सुचारु रहे, यह सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।




